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गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड

मध्य प्रदेश

गाय भारत में

पंचगव्य

गाय भारत में  

 

गोमुत्र भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल पवित्र है बल्कि इसके विभिन्न महत्वपूर्ण औषधीय उपयोग भी हैं। आयुर्वेद में शास्त्रीय ग्रंथों अर्थात् चरक, सुश्रुत और वाग्भट्ट संहिता में अष्ट मुत्र (आठ प्रकार के मूत्र) के साथ-साथ उनके गुणों, संकेत और योगों का वर्णन किया गया है। गोमूत्र उनमें से एक है। कहा जाता है कि गोमूत्र का आध्यात्मिक प्रभाव भी होता है। गोमूत्र को जीवन का जल या "अमृता" (अमरत्व का पेय) के रूप में वर्णित किया गया है, जो भगवान का अमृत है। "पंचगव्य" गोमूत्र, दूध, गोबर, घी और दही का मिश्रण है। भारतीय गाय की नस्लें अनोखी और विशिष्ट प्रजातियाँ हैं, जिन्हें "कामधेनु" (मानव जाति की सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली) और "गौमाता, (गाय को माँ कहा जाता है) के रूप में जाना जाता है।

Last Updated on 19 Sep, 2019